
Hyderabad हैदराबाद : सनातनगर में एक सरकारी कर्मचारी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर दिखाई गई एक फर्जी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कीम के झांसे में आकर 2.22 करोड़ रुपये गंवा दिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित को फेसबुक पर निवेश से जुड़े आकर्षक विज्ञापन दिखाई दिए, जिनमें कम समय में अधिक रिटर्न का दावा किया गया था। इन विज्ञापनों को देखकर उन्होंने रुचि दिखाई, जिसके बाद साइबर ठगों ने उनसे संपर्क किया।
धोखेबाज़ों ने उन्हें एक निवेश प्लेटफॉर्म से जोड़ने का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लिया। इसके बाद पीड़ित को कई व्हाट्सएप ग्रुप्स में शामिल किया गया, जहां उन्हें यह बताया गया कि वहां मौजूद लोग वित्तीय विशेषज्ञ और मार्केट एनालिस्ट हैं।
इन ग्रुप्स के माध्यम से पीड़ित को लगातार निवेश के लिए प्रेरित किया गया और अलग-अलग चरणों में रकम लगाने के लिए कहा गया। स्कीम को वास्तविक और लाभकारी समझकर उन्होंने विभिन्न बैंक खातों में बड़ी राशि ट्रांसफर कर दी।
कुल मिलाकर, पीड़ित ने इन साइबर अपराधियों के बताए गए खातों में 2.22 करोड़ रुपये भेज दिए। बाद में जब उन्हें किसी तरह का वास्तविक लाभ या रिटर्न नहीं मिला, तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर साइबर क्राइम टीम ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें और केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म्स पर ही भरोसा करें।
यह मामला एक बार फिर साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, जहां लालच और भरोसे का फायदा उठाकर लोगों की जीवनभर की बचत को निशाना बनाया जा रहा है।





